Tuesday, January 22, 2013

कली युग हे मेरे यार !!!
 - By Ram Prasad Khanal 
 हरकिसीको विश्वाश मत करो, जमाना खराब हे
तुम जिसको अपना समझते हो, ओ शराब हे  
पिछे से छुरी धस्नेवालोको, दोस्त नही कहेते हैं
खुशी मे जित्ना भि, दु:खमे भाग्तेहेँ, नही रहेते हैं
ईसीको आजकालके जमानामे, दोस्ती कहेतें हैं !
धोका पाने के बाद समझ समझकर, रोते रहेते हैं
नक्कलीयोँके खातिर सक्कलियोँ को खोतेँ
रहेते हैं
कली युग हे मेरे यार हर चिजमे, उल्टी चलरही हे
पापियों और दुस्टोँकी बस्तिमे दिये जल रहि हे ! 

 

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